शाश
शाश्वतिक
शाश्वत
शाश्वत (वि०) (स्त्री० –‘ती’) [शश्वद् भवः अण्]
नित्य, सनातन, –चिरस्थायी शाश्वतीः समाः रामा० ( = उत्तर० २।५) 'अविच्छिन्न वर्षों के लिए,' 'सदा के लिए' 'समस्त आगामी समय के लिए' उत्तर० ५।२७, रघु० १४।१४,
~तः
1. शिव
2. व्यास
3. सूर्य,
~तम्
(अव्य०) नित्य, निरन्तर, सदा के लिए ।