शासनम् [शास्+ल्युट्]
शिक्षण, अध्यापन, अनुशासन
2. राज्य, प्रभुत्व, सरकार –अनन्यशासनामुर्वीम् –रघु० ११३०, इसी प्रकार 'अप्रतिशासनम्'
3. आज्ञा, आदेश, निदेश –तरुभिरपि देवस्य शासनं प्रमाणीकृतम् –श० ६, रघु० ३।६९, १४।८३, १८।१८
4. राजविज्ञप्ति, अधिनियम, राजाज्ञा
5. विधि, नियम
6. अग्रहार, राजा द्वारा दान की हुई भूमि, अधिकार-पत्र, अहं त्वां शासनशतेन योजयिष्यामि –पंच० १, याज्ञ० २।२४०, २९
7. पट्टा, दस्तावेज़, लिखित समझौता
8. आवेशों का नियन्त्रण (समास के अन्त में प्रयुक्त 'शासन' का अर्थ है, दण्ड देने वाला, विनाशक, या मारक यथा स्मरशासनः, पाकशासनः) ।
समस्त पद
~पत्रम्
1. वह ताम्रपत्र जिस पर भूदान की राजाज्ञा खोदी गई हो
2. वह कागज जिस पर कोई राजाज्ञा अंकित हो,
~हारिन्
(पुं०) राजदूत, संदेशवाहक –रघु० ३।६८ ।
शासनम् [शास्+ल्युट्]
1. धार्मिक सिद्धान्त
2. संदेश ।
समस्त पद
~दूषक
(वि०) आदेश का पालन न करने वाला,
~लङ्घनम्
आज्ञा का उल्लंघन करना ।
परिशिष्ट