शिक्षा [शिक्ष् भाव अ+टाप्]
1. अधिगम, अध्ययन, ज्ञानाभिग्रहण –रघु० ९।६३
2. किसी कार्य को करने के योग्य होने की इच्छा, निष्णात होने की इच्छा
3. अध्यापन, शिक्षण, प्रशिक्षण –काव्यज्ञशिक्षयाभ्यासः –काव्य० १, अभूच्च नम्रः प्रणिपातशिक्षया –रघु० ३।२५, मालवि० ४।९, रणशिक्षा –'युद्धविज्ञान'
4. छः वेदांगों में से एक जिसके द्वारा शब्दों का सही उच्चारण तथा सन्धि के नियम सिखाये जाते हैं
5. विनय, विनम्रता ।
समस्त पद
~करः
1. अध्यापक, शिक्षक
2. व्यास,
~नरः
इन्द्र का विशेषण,
~शक्तिः
(स्त्री०) कुशलता
शिक्षा [शिक्ष्+अ+टाप्]
1. दण्ड
2. गुरु के निकट विद्याभ्यास
3. उपदेश
4. सलाह ।
समस्त पद
~आचार
(वि०) (गुरु के) उपदेशों के अनुसार आचरण करने वाला ।
परिशिष्ट