शिखिन् (वि०) [शिखा अस्त्यस्य इनि]
1. नुकीला
2. कलंगीदार, शिखाधारी
3. घमंडी (पुं०)
1. मोर –पंच० १।१५९, विक्रम० २।२३, शि० ४।५०
2. अग्नि, रिपुरिव सखीसंवासोऽयं शिखीव हिमानिल: –गीत० ७, पंच० ४।११०,रघु० १९।५४, शि० १५।७
3. मुर्गा
4. बाण
5. वृक्ष
6. दीपक
7. साँड़
8. घोड़ा
9. पहाड
10. ब्राह्मण
11. साधु
12. केतु
13. तीन की संख्या
14. चित्रक वृक्ष ।
समस्त पद
~कण्ठम्, ~ग्रीवम्
तूतिया, नीला थोथा,
~ध्वजः
1. कार्तिकेय का विशेषण
2. धूआँ
~पिच्छम्
मोरकी पूँछ, दुम,
~यूपः
बारहसिंगा,
~वर्धकः
गोल लौकी,
~वाहनः
कार्तिकेय का विशेषण
~शिखा
1. ज्वाला
2. मोर की कलंगी ।
शिखिन् (वि.) [शिखा+इनि]
1. नोकदार
2. चोटीधारी
3. ज्ञान की चोटी पर पहुँचा हुआ
4. अभिमानी (पुं०)
1. मोर
2. अग्नि ।
समस्त पद
~कण:
आग की चिनगारी,
~भूः
स्कन्द का नाम,
~मृत्युः
कामदेव ।
परिशिष्ट