शिञ्जित (भू० क० कृ०) [शिञ्ज्+ क्त]
टंकृत, झंकृत, ~तम् टंकार, (झाँवर आदि गहनों की) झंकांर,–कूजितं राजहंसानां नेदं नुपूरशिञ्जितम्– विक्रम० ४।१४ ।