शिव (वि०) [श्यति पापम–शो+वन्, पृषो०]
1. शुभ, मांगलिक, सौभाग्यशाली–इयं शिवाया नियतेरिवायतिः –कि० ४।२१, १।३८, रघु० ११।३३
2. स्वस्थ, प्रसन्न, समृद्ध सौभाग्यशाली –शिवानि वस्तीर्थजलानि कच्चित् –रघु० ५।८, (=अनुपप्लवानि 'शान्त') शिवास्ते सन्तु पन्थान: 'भगवान् आपकी यात्रा सफल करे',
~वः
हिन्दुओं के तीन प्रधान देवताओं (त्रिमूर्ति) में से तीसरा देव जिसका कार्य सृष्टि का संहार करना है, जिस प्रकार ब्रह्मा का कार्य उत्पादन तथा विष्णु का सृष्टि-पालन है–एको देवः केशवो वा शिवो वा –भर्तृ० २।११५
2. पुरुष की जननेन्द्रिय, शिश्न
3. शुभ ग्रहों का योग
4. वेद
5. मोक्ष
6. पशुओं का वाँधने का खूँटा
7. सुर, देवता
8. पारा
9. गुग्गुल
10. काला धतूरा,
~वौ
(पुं०, द्विव०) शिव और पार्वती –कि० ५।४०,
~वम्
1. समृद्धि, कल्याण, मंगल, आनन्द –तव वर्त्मनि वर्ततां शिवम् –नै० २।६२, रत्न० १।२, रघु० १।६०
2. परमानन्द, मांगलिकता
3. मोक्ष
4. जल
5. समुद्री नमक
6. सेंधा नमक
7. शुद्ध सोहागा ।
समस्त पद
~अक्षम्
= रुद्राक्ष, दे०
~आत्मकम्
सेंधा नमक,
~आदेशकः
1. शुभ समाचार लाने वाला
2. भविष्यवक्ता,
~आलयः
1. शिव का आवास
2. लाल तुलसी
(–यम्)
1. शिव मन्दिर श्मशान,
~इतर
(वि०) अशुभ, दुर्भाग्यपूर्ण–शिवेतरक्षतये–काव्य ० १,
~कर
('शिवंकर' भी) (वि०) आनन्दप्रदायक, मंगलप्रद,
~कीर्तनः
भृंगी का नाम,
~गति
(वि०) समृद्ध, आनन्दित,
~धर्मजः
मंगलग्रह,
~ताति
(वि०) जिसका अन्त कल्याणकारी हो, आनन्ददायक, मंगलप्रद –प्रयत्नः कृत्स्नोऽयं फलतु शिवतातिश्च भवतु –मा० ६।७
2. मृदु, जो राक्षसी न हो–मा पूतनात्वमुपगाः शिवतातिरेधि –९।४९,
(–तिः)
मांगलिकता, आनन्द,
~दत्तम्
विष्णु का चक्र,
~दारु
(नपुं०) देवदारु का पेड़
~द्रुमः
बल का पेड़,
~द्विष्टा
केतकी का पेड़,
~धातुः
पारा,
~पुरम्, ~पुरी
बनारस, वाराणसी,
~पुराणम्
अठारह पुराणों में से एक,
~प्रियः
1. स्फटिक
2. बक नाम का पेड़
3. धतूरा,
~मल्लकः
अर्जुनवृक्ष,
~राजधानी
वाराणसी,
~रात्रिः
(स्त्री०) फाल्गनकृष्ण चतुर्दशी जब शिव के सम्मान में कठोरव्रत का पालन किया जाता है,
~लिङ्गम्
शिव जिसकी पिंडी या लिंग के रूप में पूजा होती है,
~लोकः
शिव का संसार,
~वल्लभः
आम का वृक्ष,
(–भा)
पार्वती,
~वाहनः
साँड़,
~वीजम्
पारा,
~शेखरः
1. चाँद
2. धतूरा,
~सुन्दरी
दुर्गा का विशेषण ।
शिव (वि.) [शो+वन् पृषो०]
1. शुभ, मंगलमय, सौभाग्यसूचक
2. स्वस्थ, प्रसन्न, भाग्यशाली, (पुं०)
1. हिन्दुओं के त्रिदेव में से तीसरा
2. पारा
3. सुरा, स्पिरिट
4. समय
5. तक्र, छाछ ।
समस्त पद
~अद्वैतः
शैववाद का दर्शनशास्त्र,
~अर्कमणिदीपिका
अप्पयदीक्षित द्वारा रचित शैववाद पर एक ग्रन्थ,
~कामसुन्दरी
पार्वती का विशेषण,
~पदम्
मोक्ष, मुक्ति,
~बीजम्
पारा ।
परिशिष्ट