संस्कृत-शब्दकोशः

श्रमार्त श्रय

श्रम्भ्

श्रम्भ् (भ्वा० आ० श्रम्भते, श्रब्ध)
1. उपेक्षक होना, असावधान होना, लापरवाह होना
2. गलती करना,
वि–
विश्वास करना, भरोसा करना–दे० 'विश्रब्ध' ।



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