श्रुत (भू० क० कृ०) [श्रु+क्त]
1. सुना हुआ, ध्यान लगाकर श्रवण किया हुआ
2. वर्णित, कर्णगोचर
3. अधिगत, निर्धारित, समझा गया
4. सुज्ञात, प्रसिद्ध, विख्यात, विश्रुत – रघु० ३।४०, १४।६१
5. नामक, पुकारा हुआ,
~तम्
1. सुनने का विषय
2. जो दैवी संदेश से सुना गया, अर्थात् वेद, पवित्र अधिगम, पुनीत ज्ञान–श्रुतप्रकाशम् – रघु० ५।२
3. सामान्य अधिगम, विद्या, –श्रोत्रं श्रुतेनैव न कुण्डलेन (विभाति) –भर्तृ० २।७१, रघु० ३।२१, ५।२२, पंच० २।१४७, ४।६१।
समस्त पद
~अध्ययनम्
वेदों का पढ़ना –
~अन्वित
(वि०) वेदों का ज्ञाता,
~अर्थः
मौखिक रूप से या जबानी कहा गया तथ्य,
~कीर्ति
(वि०) प्रसिद्ध,
~विश्रुत
(पुं०)
1. उदार व्यक्ति
2. दिव्य ऋषि (स्त्री०) शत्रुघ्न की पत्नी,
~देवी
सरस्वती,
~धर
(वि०) सुनी हुई बात को याद रखने वाला, मेधावी ।