संस्कृत-शब्दकोशः

श्लिषा श्लिष्ट

श्लिष्

श्लिष्
i (भ्वा० पर० श्लेषति) जलना ।
ii (दिवा० पर० श्लिष्यति, श्लिष्ट) आलिंगन करना, श्लिष्यति चुम्बति जलधरकल्पं हरिरुपगत इति तिमिरमनल्पम् –गीत० ६
2. जमे रहना, चिपके रहना, डटे रहना
3. संयुक्त होना, सम्मिलित होना
4. ग्रहण करना, लेना, समझना –नै० ३।६९,
आ–, उप–
आलिंगन करना, परिरंभण करना,
वि–
1. वियुक्त होना, दूर होना
2. फट जाना, फट कर उड़ जाना, –भट्टि० १४।६७, (प्रेर०) अलग-अलग करना, मेघ० ७,
सम्–
1. डटे रहना, चिपके रहना
2. सम्मिलित होना, मिलना ।
iii (चुरा० उभ० श्लेषयति-ते) जोड़ना, सम्मिलित करना, मिलाना ।



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