श्लोक (भ्वा० आ० श्लोकते)
1. प्रशंसा करना, पद्य रचना करना, छन्दोबद्ध करना
2. अवाप्त करना
3. त्यागना, छोड़ना ।
श्लोकः [श्लोक्+अच्]
1. कवितामय प्रशंसन, स्तुतीकरण
2. स्तोत्र –मनु० ७।२६
3. ख्याति, प्रसिद्धि, विश्रुति, यश, यथा 'पुण्यश्लोक' में
4. प्रशंसा का विषय
5. किंवदन्ती, कहावत
6. पद्य, कविता–रघु० १४।७०
7. अनुष्टप् छन्द में कोई पद्य या कविता ।