संस्कृत-शब्दकोशः

षष्टि षष्ठी

षष्ठ

षष्ठ (वि०) (स्त्री० –‘ष्ठी’) [षण्णां पूरणः –षष् + डट्, वुक्]


छठा, छठा भाग –षष्ठं तु क्षेत्रजस्यांशं प्रदद्यात्पैतृकाद्धनात् –मनु० ९।१६४, ७।३०, षष्ठे भागे –विक्रम० २।१, रघु० १७।७८ ।
समस्त पद
~अंशः
1. सामान्य छठा भाग–याज्ञ० ३।३५
2. विशेष कर उपज का छठा भाग जिसको कि राजा अपनी प्रजा से भूमिकर के रूप में ग्रहण करता है –ऊधस्यमिच्छामि तवोपभोक्तुं षष्ठांशमुर्व्या इव रक्षितायाः–रघु० २।६६, (उपज के भिन्न भिन्न भेद जिनके छठे भाग का अधिकारी राजा है—मनु० ७।१३१–२ में बताये गये हैं)
°वृत्तिः
उपज के छठे भाग का अधिकारी राजा, –षष्ठांशवत्तेरपि धर्म एष:–श० ५।४,
~अन्नम्
छठा भोजन,
°कालः
तीन दिन में केवल एक बार भोजन करने वाला, जैसा कि प्रायश्चित्तस्वरूप किया जाता है ।



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