संस्कृत-शब्दकोशः

लोकतुषार लोकत्रयी

लोकत्रय

लोकत्रयम् (नपुंसकलिङ्ग)


व्युत्पत्ति− लोकानां त्रयम्
प्रयोग− "उत्खातलोकत्रयकण्टकेऽपि सत्यप्रतिज्ञेऽप्यविकत्थनेऽपि"
उल्लेख− रघु० १४-७३

अर्थ−
स्वर्ग, मर्त्य र पाताल यी तीन लोकको समष्टि ।



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