शैलूक
शैलूषभूषण
शैलूष
शैलूषः (पुंलिङ्ग)
निष्पत्ति− "अण्" (४-१-११४)
व्युत्पत्ति− शिलूषस्य ऋषेरपत्यम्
प्रयोग− "अर्थोपपत्तिं छलनापरोऽपरामवाप्य शैलूष इवैष भूमिकाम्"
उल्लेख− माघ० १-६९
अर्थ−
१. नाटक वा अभिनय देखाउने नटुवा,
२. बेलको रूख,
३. धूर्त,
४, बिभीषणका ससुरा ।