मृ (तुदा० आ० –[परन्तु लिट्, लुट्, लृट् और लृङ् में पर०]
म्रियते, मृत) मरना, नष्ट होना, मृत्यु को प्राप्त होना, जीवन से बिदा लेना–प्रेर० (मारयति-ते) वध करना, हत्या करना–इच्छा० (मुमूर्षति)
1. मरने की इच्छा करना
2. मरने के निकट होना, मरणासन्न अवस्था में होना,
अनु–
बाद में मरना, . मर कर अनुगमन करना–रघु० ८।८५ ।