मृग् (दिवा० पर०, चुरा० आ० मृग्यति, मृगयते, मृगित)
1. ढूंढना, खोजना, तलाश करना, –न रत्नमन्विष्यति मृग्यते हि तत् –कु० ५।४५, गता दूता दूरं क्वचिदपि परेतान् मृगयितुम् –गंगा० २५
2. शिकार करना. पीछा करना, अनुसरण करना
3. लक्ष्य बांधना. यत्न करना
4. परीक्षण करना, अनुसंधान करना–अविचलितमनोभिः साधकैर्मृग्यमाणः– मा० ५।१, अन्तर्यश्च मुमुक्षुभिर्नियमितप्राणादिभिर्मृग्यते–विक्रम० १।१, 'अन्दर से खोजा गया, और अनुसंधान किया गया'
5. मांगना, याचना करना–एताबदेव मृगये प्रतिपक्षहेतोः–मा० ५।२० ।