मेखला [मीयते प्रक्षिप्यते कायमध्यभागे–मी+खल+ टाप्, गुणः]
1. करधनी, तगड़ी, कमरबन्द, कटिबन्ध (आलं० से भी), कोई वस्तु जो चारों ओर से लपेट सके –मही सागरमेखला 'सागरावेष्टित भूमण्डल’ –रत्नानुविद्धार्णवमेखलाया दिशः सपत्नी भव दक्षिणस्याः –रघु० ६।६३, ऋतु० ६।२
2. विशेष कर स्त्री की तगड़ी नितम्ब –बिम्बैः सुदुकूलमेखलै:–ऋतु० १४ रघु० ८।६४, मेखलागुणैरुत गोत्रस्खलितेषु बन्धनम् कु० ४।८
3. तीन लड़ों वाली मेखला जो पहले तीन वर्ण के ब्रह्मचारियों द्वारा पहनी जाती है–तु० मनु० २।४२
4. पहाड़ का ढलान, –आमेखलं संचरतां घनानाम् – कु० १।५, मेघ० १२
5. कूल्हा
6. तलवार की मूठ
7. तलवार की मूठ में बंधी हुई डोरी की गांठ
8. घोड़े की तंग
9. नर्मदा नदी का नाम ।
समस्त पद
~पदम्
कूल्हा,
~बन्धः
कटिसूत्र धारण करना ।