मौञ्जी [मौञ्ज+ङीप्]
मूंज की घास की तीन लडकी बनी, ब्राह्मण की तगड़ी–कु० ५।१०, मनु० २।४२ ।समस्त पद~निबन्धनम, ~बन्धनम् मूंज की घास का बना कटिसूत्र पहनना, उपनयन संस्कार,–मनु० २।२७, १६९ ।