संस्कृत-शब्दकोशः

यकृत् यक्षिणी

यक्ष

यक्षः [यक्ष्यते–यक्ष+(कर्मणि) घञ्]


एक देवयोनि विशेष जो धनसंपत्ति के देवता कुबेर के सेवक हैं तथा उसके कोष और उद्यानों की रक्षा करते हैं – यक्षोत्तमा यक्षपतिं धनेशं रक्षन्ति वै प्रासगदादिहस्ताः–हरि०, मेघ० १, ६६, भग० १०।२३, ११।२२
2. एक प्रकार का भूत–प्रेत
3. इन्द्र का महल
4. कुबेर,
~क्षी
यक्ष जाति की स्त्री ।
समस्त पद
~अधिपः, ~अधिपतिः, ~इन्द्रः
यक्षों का राजा कुबेर,
~आवासः
जंजीर का वृक्ष
~कर्दमः
एक प्रकार का लेप जिसमें कपूर, अगर, कस्तूरी और कंकोल समान मात्रा में डाले जाते हैं (कुछ अन्य विद्वानों के अनुसार चन्दन और केसर भी इसमें सम्मिलित किये जाते हैं (कर्पूरागुरुकस्तूरीकक्कोलैर्यक्षकर्दमः– अमर०,
“कुङ्कुमागुरुकस्तूरी कर्पूर चन्दनं तथा ।
महासुगन्धमित्युक्तं नामतो यक्ष कर्दमः ॥”
),
~ग्रहः
यक्ष या भूत प्रेतादि की बाधा से युक्त व्यक्ति,
~तरुः
बटवृक्ष,
~धूपः
गूगल, लोबान,
~रसः
एक प्रकार का मादक पेय,
~राज्(पुं०), ~राजः
कुबेर का नाम,
~रात्रिः
दीपमाला का उत्सव,
~वित्तः
यक्ष जैसा अर्थात् जो विपुलधनसंपत्ति का स्वामी हो परन्तु व्यय कुछ न करे ।


यक्षः [यक्ष्+घञ्]


1. देवयोनि विशेष, जो कुबेर के सेवक हैं
2. भूतप्रेत
3. इन्द्र का महल
4. कुबेर
5. पूजा
6. कुत्ता ।
समस्त पद
~धूपः
गूगल, लोबान ।

परिशिष्ट



Correction: