यजुस् (नपुं०) [यज्+उसि]
1. यज्ञीय प्रार्थना या मन्त्र, ८. यजुर्वेद का पाठ, यजुर्वेद के गद्यात्मक मन्त्रों का संग्रह जो यज्ञ के अवसर पर पढ़े जायं –तु० मन्त्र
3. यजुर्वेद का नाम ।
समस्त पद
~विद्
(वि०) यज्ञीय विधि का ज्ञाता,
~वेदः
तीन (अथर्व वेद को सम्मिलित करके) या चार प्रधान वेदों में द्वितीय (यह यज्ञ सम्बन्धी पवित्र पाठ का गद्यात्मक संग्रह है; इसकी दो मुख्य शाखाएं हैं–तैत्तिरीय या कृष्णयजुर्वेद; तथा वाजसनेयि या शुक्लयजुर्वेद ।