संस्कृत-शब्दकोशः

यतिन् यत्न

यत्

यत् (भ्वा० आ० यतते, यतित)
1. यत्न करना, कोशिश करना, प्रयास करना, उद्योग करना (बहुधा संप्र० या तुमुन्नन्त के साथ) – सर्वः कल्ये वयसि यतते लब्धमर्थान् कुटुम्बी –विक्रम० ३।१
2. प्रयास करना, उत्सुक या आतुर होना, उत्कण्ठित होना–या न ययौ प्रियमन्यवधूभ्यः सारतरागमना यतमानम् –शि० ४।४५, रघु० ९।७
3. हाथ पैर मारना. निरन्तर उद्योग करना, श्रम करना
4. सावधानी बरतना, खबरदार रहना–भग० २।६०–प्रेर० (यातयति–ते)
1. लौटाना वापिस करना, बदला देना, हरजाना देना, फेर देना
2. घृणा करना, निन्दा करना
3. प्रोत्साहन देना, प्राण फूंकना, सजीव बनाना
4. सताना, दु:खी करना, परेशान करना
5. तैयार करना, विस्तार से कार्य करना,
आ–
1. प्रयास करना कोशिश करना
2. भरोसे पर रहना, निर्भर रहना, (अधि० के साथ) –वयं त्वय्यायतामहे – महावी० १।४९,
निस्–
प्रेर०
1. लौटाना, फेर देना –निर्यातय हस्तन्यासम् –विक्रम० ५; मनु० ११।१६४
2. बदला देना, वापिस करना, प्रतिहिंसा करना –रामलक्ष्मणयोर्वैरं स्वयं निर्यातयामि वै –रामा०,
प्र–
चेष्टा करना, प्रयत्न करना, प्रयास करना,
प्रति–
चेष्टा करना (प्रेर०) फेर देना, वापिस करना –दे० निस् पूर्वक यत्,
सम्–
संघर्ष करना, तर्क वितर्क करना–देवासुरा वा एषु लोकषु संयेतिरे ।



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