संस्कृत-शब्दकोशः

यम यमककाव्य

यमक

यमकः [यम+स्वार्थे कन्]


1. प्रतिबंध, रोक
2. यमल या जुड़वाँ
3. एक महान् नैतिक या धार्मिक कर्तव्य दे० यम,
~कम्
1. दोहरी पट्टी
2. (अलं० में). एक ही श्लोक में किसी भी स्थान पर शब्दों या अक्षरों की पुनरावृत्ति परन्तु अर्थ की भिन्नता के साथ, एक प्रकार की लय (इसके कई भेदों का वर्णन–काव्या० ३।२।५२ में किया है) आवृत्तिं वर्णसंघातगोचरां यमकं विदु:–काव्या० १।६१, ३।१, सा० द० ६४० ।



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