योजनम् [युज् भावादौ ल्युट्]
1. जोड़ना, मिलाना, जोतना
2. प्रयोग करना, स्थिर करना
3. तैयारी, व्यवस्था
4. व्याकरणसम्मत रचना, शब्दान्वय
5. आठ या नौ मील अथवा चार कोस की दूरी की माप–न योजनशतं दूरं बाह्यमानस्य तृष्णया–हि० १।१४६
6. उत्तेजित करना, भडकाना मन का संकेन्द्रीकरण, भाव (=योग),
~ना
1. संगम, मिलाप, संबंध
2. व्याकरणसंमत शब्दान्वय ।
समस्त पद
~गन्धा
1. कस्तूरी
2. व्यास की माता सत्यवती ।
योजनम् [युज्+ल्युट्]
1. जोड़ना, मिलाना
2. तत्परता व्यवस्था
3. परमात्मा
4. अंगुली
5. चार कोस की दूरी ।
परिशिष्ट