संस्कृत-शब्दकोशः

योन योनी

योनि

योनिः (पुं०,स्त्री०) [यु+नि]


1. गर्भाशय, बच्चेदानी भग, स्त्रियों की जननेन्द्रिय
2. जन्मस्थान, मूलरस्थान, उद्गम, मूल, जननात्मक कारण, निर्झर, फौवारा –सा योनिः सर्ववैराणां सा हि लोकस्य निर्ऋतिः –उत्तर० ५।३०, कु० २।९, ४।४३, उत्पन्न या उदित के अर्थ में प्रयोग प्रायः समास के अन्त में भग० ५।२२
3. खान
4. आवास, स्थान, भाजन या पात्र, आसन, आधार
5. घर, मांद
6. कुल, गोत्र, वंश, जन्म, अस्तित्व का रूप–जैसा कि 'मनुष्ययोनि, पक्षि°, पशु° आदि
7. जल ।
समस्त पद
~गुणः
जन्मस्थान या गर्भाशय का गुण,
~ज
(वि०) गर्भाशय से जन्म लेने वाला, जरायुज,
~देवता
पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र,
~भ्रंशः
बच्चेदानी का अपने स्थान से हट जाना,
~रञ्जनम्
रजःस्राव,
~लिंगम्
भगांकुर, चिंकु,
~संकरः
अवैध अन्तर्जातीय विवाहों से उत्पन्न वर्ण संकर जाति ।


योनिः [यु+नि]


1. ऋग्वेद की वह आधारभूत ऋचा जिस पर 'साम' का निर्माण हुआ
2. तांबा
3. मूल कारण
4. समझ का स्रोत–योनिर्ज्ञप्तिकारणं 'वेदोऽखिलो धर्ममूल'मित्यादिनोक्तमित्यर्थः– मी० सू० २।२५ पर शा० भा०
5. इच्छा – योनिपातालदुस्तराम् –महा० १२।२५०।१५ ।
समस्त पद
~गुणः
गर्भाशय या मूलस्थान से व्युत्पन्न गुण,
~दोषः
1. योनिसंबन्धी विकार
2. स्त्री की जननेन्द्रिय में कोई दोष,
~मुक्त
(वि०) जन्म मरण के चक्र से छुटकारा पाये हुए,
~मुद्रा
अंगुलियों द्वारा ऐसी विशिष्ट आकृति बनाना जो स्त्री की योनि से मिलती जुलती हो,
~संवरणम्, ~संवृत्तिः
योनि या भग को सिकोड़ना
~संकटम्
पुनर्जन्म ।

परिशिष्ट



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