संस्कृत-शब्दकोशः

रक्ष् रङ्क

रघु

रघुः [लंघति ज्ञानसीमानं प्राप्नंति–लंघ्+कु, न लोपः, लस्य रः]


एक प्रसिद्ध सूर्यवंशी राजा, दिलीप का पुत्र और अज का पिता (ऐसा प्रतीत होता है कि इसका नाम रघु (रघ् या रन्ध् =जाना ) इस कारण पड़ा हो क्योंकि इसके पिता ने यह पहले ही जान लिया कि यह लड़का विद्या के ही पार नहीं जायगा अपि युद्ध में अपने शत्रुओं को भी परास्त कर देगा–तु० रघु० ३।२१ अपने नाम की सार्थकता के अनुसार उसने दिग्विजय आरम्भ किया, समस्त ज्ञात भूमण्डल का चक्कर लगाया और कीर्ति तथा विजयोपहार के साथ वापिस आया । आ कर उसने विश्वजित् यज्ञ का आयोजन किया और दक्षिणा में ब्राह्मणों को सर्वस्व दे डाला, तथा अज को अपने राज्य का उत्तराधिकारी घोषित किया) ।
समस्त पद
~नन्दनः, ~नाथः, ~पति:, ~श्रेष्ठः, ~सिंहः
राम के विशेषण ।


रघुः सूर्यवंश का एक प्रतापी राजा, दिलीप का पुत्र और अज का पिता ।
समस्त पद
~उद्वहः
रघुवंश में सर्वोत्तम, राम,
~कारः
'रघुवंश' नामक काव्य का प्रणेता कालिदास ।

परिशिष्ट



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