रङ्गः [रन्ज् भावे घञ्]
1. रङ्ग, वर्ण, रङ्गने का मसाला रङ्गलेप या रोगन
2. रङ्गमंच, नाट्यशाला, नाट्यगृह अखाड़ा, सार्वजनिक आमोदस्थली–जैसा कि रङ्गविघ्नोपशान्तये –सा० द० २८१
3. सभा–भवन, श्रोतृवर्ग –अहो रागबद्धचित्तवृतिरालिखितः इव सर्वतो रङ्गः–श० १, रङ्गस्य दर्शयित्वा निवर्तते नर्तकी यथा नृत्यात्, पुरुषस्य तथात्मानं प्रकाश्य विनिवर्तते प्रकृति:–शर्व०
5. रणक्षेत्र
6. नाचना, गाना, अभिनय
7. आमोद, मनोविनोद
8. सुहागा
9. स्वर का अनुनासिक उच्चारण–सरंगम् कम्पयेत्कंपम् रथीवेति निदर्शनम्–शिक्षा० ३०, इसी प्रकार २६, २७,२८,
~गः, ~गम्
रांग, टिन ।
समस्त पद
~अङ्गणम्
अखाड़ा, नाचघर,
~अवतरणम्
1. रङ्गमंच पर प्रवेश
2. अभिनेता या नाट्यपात्र का व्यवसाय,
~अवतारक:, ~अवतारिन्
(पुं०) अभिनेता, नाटक का पात्र,
~आजीवः
1. अभिनेता
2. चित्रकार, इसी प्रकार,
~उपजीविन्(पुं०), ~कारः, ~जीवकः
चित्रकार, रंगवेपक,
~चुरः
1. अभिनेता, नाटक का पात्र
2. वाग्मी,
~जम्
सिन्दूर,
~देवता
क्रीड़ा तथा सार्वजनिक आमोद–प्रमोद की अधिष्ठात्री देवता,
~द्वारम्
1. रङ्गशाला का द्वार
2. किसी नाटक का मंगलाचरण या प्रस्तावना,
~भूतिः
(स्त्री०) आश्विन मास की पूर्णिमा की रात,
~भूमिः
(स्त्री०)
1. रङ्गमंच, नाट्यशाला
2. अखाड़ा, रणक्षेत्र,
~मंडपः
रङ्गशाला,
~मातृ
(स्त्री०)
1. लाख, लालरङ्ग, महावर, इसे पैदा करने वाला कीड़ा
2. कुटनी, दूती,
~वस्तु
(नपुं०) रङ्गलेप,
~वाटः
अखाड़ा, बाड़ा जहाँ नाटक नाच आदि होते हों,
~शाला
नाचघर, नाट्यगृह, नाटकघर ।
रङ्गः [रञ्ज्+घञ्]
1. रंग, वर्ण
2. मंच, क्रीडागार, आमोद का सार्वजनिक स्थान
3. श्रोतृवर्ग
4. रणक्षेत्र
5. नाचना, गाना, अभिनय करना ।
समस्त पद
~क्षारः
सुहागा,
~तालः
एक प्रकार का सङ्गीत का माप,
~दः
सुहागा,
~नाथः, ~राजः, ~धामन्, ~शायिन्
विष्णु के विशेषण (मद्रास राज्य के श्रीरङ्गम् स्थान पर स्थित मन्दिर),
~प्रवेशः
रङ्गमञ्च पर पधारना, वेदी पर उपस्थित होना,
~मङ्गलम्
वेदी पर 'आवाहन' उत्सव मनाना ।
परिशिष्ट