संस्कृत-शब्दकोशः

रण्डाश्रमिन् रतवैपरीत्य

रत

रत (भू० क० कृ०) [रम्+क्त]


1. प्रसन्न, खुश, तृप्त
2. प्रसन्न या खुश, स्नेहशील, मुग्ध, अनुरक्त
3. तुला हुआ, व्यस्त, संलग्न, (दे० रम्),
~तम्
1. प्रसन्नता
2. मैथुन, संभोग–रघु० १९।२३, २५, मेघ० ८९
3. उपस्थ इन्द्रिय ।
समस्त पद
~अयनी
वेश्या, रंडी,
~अर्थिन्
(वि०) कामुक, कामासक्त,
~उद्वहः
कोयल,
~ऋद्धिकम्
1. दिन
2. आनन्द के लिए स्नान,
~कीलः
कुत्ता,
~कूजितम्
कामासक्त व्यक्ति की मैथुन के समय की सीत्कार,
~ज्वरः
कौवा,
~तालिन्
पुं०) स्वेच्छाचारी, कामासक्त,
~ताली
कुटनी, दूती,
~नारीचः
1. विषयी
2. कामदेव, मदन
3. कुत्ता
4. मैथुन के समय की कामार्त व्यक्ति की सी-सी ध्वनि,
~बंधः
मैथुन, संभोग,
~हिंडकः
1. स्त्रियों को फुसलाकर उनसे बलात्कार करने वाला
2. विलासी ।



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