संस्कृत-शब्दकोशः

रभस् रम

रभ्

रभ् (भ्वा० आ० रभते, रव्ध, प्रेर० रम्भयति–ते; इच्छा. रिप्सते) आरंभ करना,
आ–,प्रा–
1. आरंभ करना शुरू करना, काम में लग जाना, जिम्मेवारी ले लेना –प्रारभ्यते न खलु विघ्नभयेन नीचैः–भर्तृ० २।२७, आरभन्तेऽल्पमेवाज्ञाः – सुभा०, भट्टि० ५।३८, रघु० ८।४५
2. व्यस्त होना, सोत्साह होना–शि० २।९१,
परि–
कौली भरना, आलिङ्गन करना–इत्युक्तवन्तं परिरभ्य दोर्भ्यां–कि० ११।८०, भामि० १।९५, कु० ५।३, शि० ९।७२,
सम्–
1. क्षुब्ध होना भाव विभोर होना, प्रभावित होना
2. कुपित होना, उत्तेजित होना, क्रोधोन्मत्त या चिड़चिड़ा होना (प्रायः क्तान्त रूप प्रयुक्त).–रघु० १६।१६ ।



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