राक्षस (वि०) (स्त्री० –‘सी’) [रक्षस इदम् –अण्]
दैत्य या राक्षस से संबंध रखने वाला, पैशाची, निशाचर के स्वभाव वाला –उत्तर० ५।३०, भग० ९।१२,
~सः
1. पिशाच, भूतप्रेत, बैताल, दानव, शैतान
2. हिन्दु–धर्मशास्त्रों में प्रतिपादित विवाह के आठ भेदों में से एक प्रकार जिसमें दुलहिन के सम्बन्धियों को युद्ध में परास्त कर कन्या को बलात् उठाकर ले जाया जाता है –राक्षसो युद्धहरणात् –याज्ञ० १।६१, तु० मनु० ३।३३ भी (इसी ढंग से कृष्ण रुक्मिणी को उठा लाया था)
3. ज्योतिषविषयक एक योग
4. नन्द राजा का मन्त्री, जो मुद्राराक्षस नाटक में एक प्रधान पात्र है,
~सी
पिशाचिनी ।
राक्षसः [रक्षस्+अण्]
1. भूत प्रेत, पिशाच
2. हिन्दुओं में आठ प्रकार के विवाहों में से एक
3. एक संवत्सर का नाम ।
परिशिष्ट