संस्कृत-शब्दकोशः

राध् रामठ

राम

राम (वि०) [रम् कर्तरि घञ्, ण वा]


1. सुहावना आनंदप्रद, हर्षदायक
2. सुन्दर, प्रिय, मनोहर
3. मलिन, धूमिल, काला
4. श्वेत,
~मः
1. तीन प्रसिद्ध व्यक्तियों का नाम–(क) जमदग्नि का पुत्र परशुराम
(ख) वसुदेव का पुत्र बलराम जो कृष्ण का भाई था
(ग) दशरथ और कौशल्या का पुत्र रामचन्द्र या सीताराम, रामायण का नायक । [जब राम बालक ही थे तो विश्वामित्र, दशरथ की अनुमति लेकर लक्ष्मण समेत राम को, राक्षसों से अपने यज्ञों की रक्षा करने के लिए अपने आश्रम में ले गये । राम ने अनायास ही उन सब राक्षसों को मार गिराया और पुरस्कार के रूप में ऋषि से कई चमत्कारयुक्त अस्त्र प्राप्त किये । उसके पश्चात् राम विश्वामित्र के साथ जनक की राजधानी मिथिला नगरी गये, वहाँ शिव के धनुष को झुकाने का आश्चर्यजनक करतब दिखाकर सीता से विवाह किया और वापिस अयोध्या आ गये । यह देखकर कि राम हि राज्य का उपयुक्त अधिकारी हो रहा है, दशरथ ने उसे अपना युबराज बनाने का निश्चय किया, परन्तु ठीक राज्याभिषेक के दिन दशरथ की प्रियपत्नी कैकेयी ने, अपनी दुष्ट दासी मन्थरा के द्वारा भड़काये जाने पर, दशरथ को अपने दो पूर्व प्रतिज्ञात वरदान पूरा करने के लिए कहा, एक से उसने रामका चौदह वर्ष का निर्वासन तथा दूसरे से अपने प्रिय पुत्र भरत का युवराज के रूप में राज्याभिषेक माँगा । राजा को इस माँग से भयानक धक्का लगा, उसने कैकेयी को उन दुष्ट माँगों से हटाने का भरसक प्रयत्न किया परन्तु अन्त में उसे झुकना पड़ा । तुरन्त ही आज्ञाकारी पुत्र राम अपनी सुन्दर तरुण पत्नी सीता तथा भक्त भ्राता लक्ष्मण के साथ निर्वासित होने को तैयार हो गये । उसका निर्वासन काल वडी–बड़ी घटनाओं से भरा हुआ है, दोनों भाइयों ने कई शक्तिशाली राक्षसों का काम तमाम कर दिया, फलतः रावण की द्वेषाग्नि भड़क उठी । दुष्ट रावण ने मारीच की सहायता से राम की शक्ति को देखने के लिए उसकी प्रिय पत्नी सीता का बलात् अपहरण किया । सीता का पता लगाने के लिए अनेक निष्फल पृच्छाओं के पश्चात् हनुमान ने यह निश्चय किया कि सीता लंका में हैं, और फिर उसने राम को प्रेरित किया कि लंका के ऊपर चढ़ाई की जाय तथा दुष्ट रावण को मौत के घाट उतारा जाय । वानरों ने समुद्र को पार करने के लिए एक पुल बनाया जिसके ऊपर से अपनी असंख्य सेना के साथ पार होकर राम लंका में प्रविष्ट हुए तथा उसे जीत कर सब राक्षसों समेत रावण का वध किया । उसके पश्चात् राम अपनी पत्नी सीता, तथा अन्य युद्ध–मित्रों के साथ, विजयपताका फहराते हुए, वापिस अयोध्या आये जहाँ वशिष्ठ द्वारा उनका राज्यतिलक किया गया । राम ने बहुत वर्षों तक न्यायपूर्वक राज्य किया उसके पश्चात् कुश युवराज बनाया गया । राम, विष्णु भगवान् का सातवाँ अवतार माना जाता है, तु० जयदेव–
“वितरसि दिक्षु रणे दिक्पतिकमनीयं दशमुखमौलिबलिं रमणीयं ।
केशव धृतरघुपतिरूप जय जगदीश हरे ॥”
–गीत० १ ।
समस्त पद
~अनुजः
एक प्रसिद्ध सुधारक, वेदान्ती संप्रदाय के प्रवर्तक तथा कई पुस्तकों के प्रणेता, वैष्णव,
~अयनम्(णम्)
1. राम के साहसिक कार्य
2. वाल्मीकिप्रणीत एक प्रसिद्ध महाकाव्य जिसमें सात काण्ड तथा २४००० श्लोक हैं ।
~गिरिः
एक पहाड़ का नाम,–(चक्रे) स्निग्धच्छायातरुषु वसतिं रामगिर्याश्रमेषु–मेघ० १,
~चन्द्रः, ~भद्रः
दशरथ के पुत्र राम का नाम
~दूतः
हनुमान् का नाम,
~नवमी
चैत्रशुक्ला नवमी, राम की जयंती,
~सेतुः
‘राम का पुल' भारत और लंका को मिलाने वाला रेत का पुल जिसे आजकल 'एडम्स ब्रिज' कहते हैं ।


राम (वि०) [रम्+घञ् ण वा]


1. आह्लादमय, सुखद, सुहावना
2. सुन्दर, लावण्यमय
3. श्वेत,
~मः
तीन ख्याति प्राप्त व्यक्ति
(क) जमदग्नि का पुत्र परशुराम
(ख) वसुदेव का पुत्र बलराम जिसका भाई कृष्ण था
(ग) दशरथ और कौशल्या का पुत्र रामचन्द्र, सीताराम ।
समस्त पद
~काण्ड:
गन्ने का एक भेद,
~तापन, ~तापनी
, –‘तापनीय उपनिषद्’ एक उपनिषद् का नाम,
~लीला
उत्तरभारत में नवरात्र के दिनों में 'रामायण' का नाटक के रूप में प्रस्तुतीकरण ।

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