लग्न (भू० क० कृ०) [लग्+क्त]
1. जुड़ा हुआ, चिपका हुआ, सटा हुआ, दृढ़ थामा हुआ –लताविटपे एकावली लग्ना–विक्रम० १
2. स्पर्श करना, संपर्क मे आना
3. अनुषक्त, संबद्ध
4. चिपटा हुआ, जुड़ा हुआ, साथ लगा हुआ
5. काटना, (रेखा आदि का) मिलाना
6. ध्यानपूर्वक अनुसरण करना, आसन्न या निकटवर्ती
7. व्यस्त, काम में लगा हुआ
8. शुभ (दे० लग्),
~ग्नः
1. भाट, चारण
2. मदोन्मत्त हाथी,
~ग्नम्
1. संपर्क बिन्दु, मिथश्छेदन–बिंदु, वह बिन्दु जहाँ कि क्षितिज और क्रान्ति –वृत्त या ग्रहपथ मिलते हैं
2. क्रान्ति वृत्त का बिन्दु जो एक समय क्षितिज या याम्योत्तर-रेखा पर होता है
3. वह क्षण जिसमें सूर्य का प्रवेश किसी राशि विशेष में होता है
4. बारह राशियों की आकृति
5. शुभ या सौभाग्य प्रद क्षण
6. (अतः) कार्यारंभ का उचित समय ।
समस्त पद
~अहः, ~दिनम्, ~दिवसः, ~वासरः
शुभदिन ज्योतिषियों द्वारा (विवाहादि संस्कार के लिए) बताया गया शुभ समय,
~नक्षत्रम्
शुभ नक्षत्र,
~मण्डलम्
राशिचक्र,
~मासः
शुभ महीना,
~शुद्धिः
(स्त्री०) किसी धर्मकृत्य के अनुष्ठान के लिए बताये गये मुहूर्त की मांगलिकता ।
लग्न (वि०) [लग्+क्त]
शुभ, मांगलिक,
~ग्नम्
1. वह बिन्दु जहाँ ग्रहपथ मिलते हैं
2. क्रान्तिवृत्त का बिन्दु जो किसी दत्त काल में क्षितिज या याम्योत्तर रेखा पर होता है ।
समस्त पद
~पत्रिका
जन्म समय या विवाह संस्कार के महुर्तादिक विवरण से युक्त एक मांगलिक पत्रिका, जन्मपत्रिका, या विवाह पत्रिका ।
परिशिष्ट