संस्कृत-शब्दकोशः

लपित लबण

लप्

लप् (भ्वा० पर० लपति)
1. बोलना, बातें करना
2. चायँ चायँ करना, चीं चीं करना
3. कानाफूसी करना –कपोलतले मिलिता लपितुं किमपि श्रुतिमूले –गीत० १, प्रेर०–(लापयति–ते) बातें करवाना,
अनु–
दोहराना, बार बार बातें करना,
अप–
मुकरना, स्वीकार नहीं करना, इन्कार कर देना –शतमपलपति –सिद्धा०
2. छिपाना, ढकना,
आ–
1. बातें करना, वार्तालाप करना
2. बातें करना बोलना
3. चायं चायं करना, चीं चीं करना,
उद्–
जोर से पुकारना,
प्र–
1. बातें करना, बोलना – वचो वै देहीति (वैदेहीति) प्रतिपदमुदश्रु प्रलपितम् –सा० द० ६
2. यूँ ही बोलना, असंगत बातें करना, चायं चायं करना, चीं चीं करना, बकबक करना, निरर्थक बातें करना,
वि–
1. कहना. बोलना
2. विलाप करना, शोक मनाना, क्रन्दन करना, रोना –विललाप विकीर्णमूर्धजा – कु० ४।४, विललाप स बाष्पगद्गदं –रघु० ८।४३, ७०, भट्टि० ६।११, तामिह वृथा किं विलपामि –गीत० ३,
विप्र–
झगड़ा करना, विरोध करना, वादविवाद करना, तू तू मैं मैं करना,
सम्–
1. बातें करना, वार्तालाप करना –संलपतो जनसमाजात् –दश०
2. नाम लेना, पुकारना ।



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