संस्कृत-शब्दकोशः

लाञ्ज् लाटक

लाट

लाट (पुं०, ब० व०) एक देश और उसके अधिवासियों का नाम –एष च (लाटानुप्रास): प्रायेण लाटजनप्रियत्वाल्लाटानुप्रास:–सा० द० १०,
~ट:
1. लाट देश का राजा
2. पुराने जीर्णशीर्ण वस्त्र
3. कपड़े
4. बच्चों जैसी भाषा ।
समस्त पद
~अनुप्रासः
अनुप्रास अलंकार के पाँच भेदों में से एक, शब्द या शब्दों की पुनरावृत्ति उसी अर्थ में परन्तु भिन्न प्रयोग के साथ, मम्मट ने उसका सोदाहरण निरूपण किया है: –शब्दस्तु लाटानुप्रासो भेदे तात्पर्यमात्रतः –उदा०
“वदनं वरवर्णिन्यास्तस्याः, सत्यं सुधाकरः ।
सुधाकरः क्व नु पुनः कलङ्कविकलो भवेत् ॥”
–या –
“यस्य न सविधे दयिता दवदहनस्तुहिनदीधितिस्तस्य ।
यस्य च सविधे दयिता दवदहनस्तुहिनदीधितिस्तस्य ॥”
–काव्य० ९ ।


लाट एक देश का नाम जो नर्मदा के पश्चिम में फैला हुआ था । इसमें संभवतः ब्रोच, बड़ौदा और अहमदावाद सम्मिलित थे । कुछ के मतानुसार खैर भी इसी में सम्मिलित था ।

परिशिष्ट



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