लिकुच
लिक्षिका
लिक्षा
लिक्षा [रिषेः स कित्]
1. ल्हीक, जूओं के अंडे
2. अत्यन्त सूक्ष्म माप (जो चार या आठ त्रसरेणु के बराबर मानी जाती है)–जालान्तरगते भानौ यच्चाणु दृश्यते रजः, तैश्चतुर्भिर्भवेल्लिक्षा, या, त्रसरेणवोष्टौ विज्ञेया लिक्षैका परिमाणतः –मनु० ८।१३३, दे० याज्ञ० १।३६२ भी ।