लिख (तुदा० पर० लिखति, लिखित)
1. लिखना, लिख रखना, अंतरंकण करना, रेखांकन करना, उत्कीर्ण करना,–अरसिकेषु कवित्वनिवेदनं शिरसि मा लिख मा लिख मा लिख –उद्भट, ताराक्षरैर्यामसिते कठिन्या निशाऽलिखद् व्योम्नि तमः प्रशस्तिम् –नै० २२।५४, याज्ञ० २।८७, श० ७।५
2. रेखाचित्र बनाना, रेखा खींचना, आलेखन, चित्रित करना, रङ्ग भरना –मृगमदतिलकं लिखति सपुलकं मृगमिव रजनिकरे –गीत ७, मत्सादृश्यं विरहतनु वा भावगम्यं लिखन्ती –मेघ० ८५, ८०, कु० ६।४८, स्मित्वा पाणौ खङ्गलेखां लिलेख –काव्य० १०
3. खुरचना, रगड़ना, घिसना, फाड़ देना –न किंचिदूचे चरणेन केवलं लिलेख बाष्पाकुललोचना भुवम् –कि० ८।१४, मूर्ध्ना दिवमिवालेखीत् –भट्टि० १५।२२
4. (शल्यक्रिया) करना, खाल काटना
5. स्पर्श करना, खरोंच पैदा करना
6. (पक्षी की भांति) चोंचें मारना
7. चिकना करना
8. स्त्री के साथ सहवास करना,
आ–
1. लिखना, चित्रित करना, रेखाएँ खींचना –मा० १।३१
2. रङ्ग भरना, चित्र बनाना –आलिखित इव सर्वतो रङ्गः –श० १, त्वामालिख्य प्रणयकुपिताम् –मेघ० १०५, रघु० १९।१९
3. खुरचना, छीलना,
उद्–
1. खुरचना, छीलना, फाड़ना, खोंचा लगाना –शि० ५।२०, मनु० १।२३
2. पीस डालना, रोगन करना –त्वष्टा विवस्वन्तमिवोल्लिलेख,–कि० १७।४८, रघु० ६।३२, श० ६।६
3. रङ्ग भरना, लिखना, चित्रित करना –कु० ५।५८
4. खोदना. काटकर बनाना,
प्रति–
उत्तर देना, जवाब देना, बदले में लिखना,
वि–
लिखना, अन्तरंकण करना
2. रेखांकन करना, रङ्ग भरना, चित्रित करना, चित्र बनाना –लिलिखति रहसि कुरङ्गमदेन भवन्तमसमशरभूतम् –गीत० ४
3. खुरचना, छीलना, फाड़ना –मन्दं शब्दायमानो विलिखति शयनादुत्थितःक्ष्मां खुरेण –काव्य. १०, व्यलिखच्चञ्चुपुटेन पक्षती –नै० २।२, पादेन हैमं विलिलेख पीठम् –रघु० ६।१५, कु० २।२३
4. रोपना, जमाना –हि० ४।७२ पाठान्तर,
सम्–
खुरचना, छीलना ।