लेशः [लिश्+घञ्]
1. थोड़ा सा टुकड़ा, अंश, कण, अणु, अत्यन्त तुच्छ मात्रा, क्लेश (पाठा० स्वेद) –लेशैरभिन्नम् –श० २।४, श्रमवारिलेशैः–कु० ३।३८, इसी प्रकार भक्ति°, गुण° आदि
2. समय की माप (दो कलाओं के बराबर)
3. (अलं० में) एक प्रकार का अलंकार जिस में इष्ट का अनिष्ट के रूप में तथा अनिष्ट का इष्ट के रूप में वर्णन विद्यमान होता है, रस० में इसकी परिभाषा –गुणस्यानिष्टसाधनतया दोषत्वेन दोषस्येष्टसाधनतया गुणत्वेन च वर्णनं लेशः; उदाहरणों के लिए दे० तत्स्थानीय (प्रतीत होता है कि मम्मट ने इस अलंकार को 'विशेष' के साथ मिलाया है –दे० काव्य १०, 'विशेष' के नीचे तथा भाष्य) ।
समस्त पद
~उक्त
(वि०) सुझावमात्र, संकेतित, वक्रोक्ति द्वारा सूचित ।