लोपामुद्रा [लोपा+आमुद्रा कर्म० स०]
विदर्भराज की एक कन्या, अगस्त्य मुनि की पत्नी (कहा जाता है कि विभिन्न जन्तुओं के अत्यन्त सुन्दर भागों से मुनि ने स्वयं इस कन्या का, निर्माण किया था जिससे कि उसे अपने मनोनुकूल पत्नी मिल सके; उसके पश्चात् इसे चुपचाप विदर्भराज के महल में पहुँचा दिया गया जहाँ यह राजा की स्नौ के रूप में पलती रही । बाद में अगस्त्य मुनि के साथ इसका विवाह हो गया । लोपामुद्रा ने अगस्त्य मुनि से कहा कि मुझ से संबंध रखने के लिए विपुल धनराशि प्राप्त करो । तदनुसार मुनि पहले तो राजा श्रुतर्वन् के पास गया, वहाँ से फिर और राजाओं के पास, इस प्रकार वह अत्यन्त धनाढ्य राक्षस इल्वल के पास गया, और उसे परास्त कर उसकी विपुलधनराशि से अपनी पत्नी को सन्तुष्ट किया) ।