वत्सक
वत्सर
वत्सतर
वत्सतरः [वत्स+तरप्]
वह बछड़ा जिसने अभी हाल में दूध चूंघना छोड़ा है, जवान बैल जिसके ऊपर अभी जुआ नहीं रक्खा गया है –महोक्षतां वत्सतरः स्पृशन्निव –रघु० ३।३२,
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बछिया, कलोर –श्रोत्रियायाभ्यागताय वत्सतरीं वा महोक्षं वा निर्वपन्ति गृहमेधिनः–उत्तर० ४ ।