वद्य (वि०) [वद्+यत्]
1. कहने के योग्य, दूषण देने के अयोग्य तु० अवद्य2. कृष्णपक्ष (चान्द्रमास का एक पक्ष –वद्यपक्षः=कृष्णपक्षः), ~द्यम् भाषण, इधर–उधर की बातें करना ।