संस्कृत-शब्दकोशः

वनेज्य वन्दक

वन्

वन्
i (भ्वा० पर० वनति)
1. संमान करना, पूजा करना
2. सहायता करना
3. शब्द करना
4. व्यापृत या व्यस्त होना ।
ii (तना० उभ० वनोति, वनुते)
1. याचना करना, कहना, प्रार्थना करना (द्विक० धातु मानी जाती है) –तोयदादितरं नैव चातको वनुते जलम्
2. खोज करना, प्राप्त करने की चेष्टा करना
3. जीतना, स्वामित्व प्राप्त करना ।
iii (भ्वा० पर० चुरा० उभ० वनति, वानयति-ते)
1. अनुग्रह करना, सहायता करना
2. चोट पहुँचाना, क्षतिग्रस्त करना
3. ध्वनि करना
4. विश्वास करना ।



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