वराटकः [वराट+कन्]
1. कोड़ी–प्राप्तः काणवराटकोऽपि न मया तृष्णेऽधुना मुंच माम्–भर्तृ० ३।४2. कमल फूल का बीजकोष3. डोरी, रस्सी (इस अर्थ में 'नपुं०' भी) ।समस्त पद~रजस् (पुं०) नाग केसर नामक वृक्ष ।