वर्णिन् (वि०) [वर्णोऽस्त्यस्य इनि]
(समास के अंत में प्रयुक्त)
1. रुंग रूप वाला
2. जाति से संबंध रखने वाला–पुं०
1. चित्रकार
2. लिपिकार, लेखक, ब्रह्मचारी, दे० ब्रह्मचारिन्,–अथाह वर्णी–कु. ५।६६, ५२, वर्णाश्रमाणां गुरवे स वर्णी विचक्षणः प्रस्तुत माचचक्षे–रघु० ५।१९
4. इन चार मुख्य वर्णों मे से किसी एक वर्ण का व्यक्ति ।
समस्त पद
~लिङ्गिन्
(वि०) ब्रह्मचारी की वेशभूषा धारण किए हुए या उसके चिह्नों को धारण करने वाला . स वर्णिलिङ्गी विदितः समाययौ युधिष्ठिरं द्वैतवने वनचर – कि० १।१।