वल्कलः [वल्+कलच्, कस्य नेत्वम्]
1. वृक्ष की छाल
2. वक्कल से बनाई गई पोशाक, छाल से बने वस्त्र–इयमधिकमनोज्ञा वल्कलेनापि तन्वी– श० १।२०, १९, रघु० १२।८, कु० ५।८, हैमवल्कलाः – ६।६, 'सुनहरी छालवस्त्र धारी' (तु० चीरपरिग्रहाः कु० ६।९२) ।
समस्त पद
~संवीत
(वि०) छालवस्त्रधारी ।
वल्कलम् [वल्+कलच्, कस्य नेत्वम्]
1. वृक्ष की छाल
2. वक्कल से बनाई गई पोशाक, छाल से बने वस्त्र–इयमधिकमनोज्ञा वल्कलेनापि तन्वी– श० १।२०, १९, रघु० १२।८, कु० ५।८, हैमवल्कलाः – ६।६, 'सुनहरी छालवस्त्र धारी' (तु० चीरपरिग्रहाः कु० ६।९२) ।
समस्त पद
~संवीत
(वि०) छालवस्त्रधारी ।