वहित्रम् [वह +इत्र]
डोंगी, बेड़ा, नाव, किश्ती,–प्रत्यूषस्यदृश्यत किमपि वहित्रम्–दश०, प्रलय पयोधिजले धृतवानसि वेदं विहितवहिनचरित्रमखेदम्–गीत०१।
वहित्रम् [वह्+इत्र]
1. किश्ती, पोत2. चौकोर रथ, वर्गाकार या चतुष्कोण रथ ।
परिशिष्ट