वात (भू० क० कृ०) [वा+क्त]
1. बही हुई
2. इच्छित या अभीष्ट, प्रथित,
~तः
1. हवा, बायु
2. वायु का देवता, वायु की अधिष्ठात्री देवता
3. शरीर के तीन दोषों में से एक
4. गठिया, सन्धिवात ।
समस्त पद
~अटः
1. वातमग, बारहसिंगा
2. सूर्य का घोड़ा,
~अंड:
फोतों का रोग, अंडकोषवृद्धि,
~अतिसारः
शरीरगत वायु के विकृत होने से उत्पन्न पेचिश,
~अयम्
पत्ता,
~अयनः
घोड़ा,
(–नम्)
1. खिड़की, झरोखा–मा० २।११, कु० ७।५९, रघु० ६।२४, १३।२१
2. अलिन्द, द्वारमण्डप
3. मंडवा मंडप,
~अयुः
बारहसिंगा,
~अरिः
एरण्ड का वृक्ष,
~अश्वः
बहुत तेज चलने वाला घोडा,
~आमोदा
कस्तूरी,
~आलिः
(स्त्री०) भंवर,
~आहत
(वि०)
1. हवा से हिलाया हुआ
2. गठिया रोग से ग्रस्त,
~आहतिः
(स्त्री०) हवा का प्रचंड झोंका,
~ऋद्धिः
(स्त्री०)
1. वायु की अधिकता
2. गदा, मुद्गर, लोहे की स्याम से जटित लाठी,
~कर्मन्
(नपुं०) पाद मारना,
~कुंडलिका
मूत्ररोग जिसमें मूत्र पीडा के साथ बूंद-बूंद उतरता है,
~कुंभः
हाथी की गंडस्थल,
~केतुः
धूल,
~केलिः
1. प्रेमरसयुक्त बातचीत, प्रेमियों की कानाफूसी
2. प्रेमी या प्रेमिका के शरीर पर नख क्षत,
~गुल्मः
1. आँधी, अंधड़
2. गठिया,
~ज्वरः
विषाक्त वायु से उत्पन्न बुखार
~ध्वजः
बादल,
~पुत्रः
भीम, हनुमान्,
~पोथः, ~पोथकः
पलाश का वृक्ष, ढाक का पेड़,
~प्रकोपः
वायु की अधिकता,
~प्रमी
(पुं०, स्त्री०) तेज चलने वाला हरिण,
~मंडली
भंवर,
~मृगः
वेग से दौड़ने वाला हरिण,
~रक्तम्, ~शोणितम्
तीक्ष्ण गठिया,
~रंगः
गूलर का वृक्ष,
~रूषः
1. तूफान, प्रचंड हवा, आँधी
2. इन्द्रधनष
3. रिश्वत,
~रोगः, ~व्याधिः
गठिया का रोग,
~वस्तिः
(स्त्री०) मूत्ररोकना,
~वृद्धिः
(स्त्री०) अंडकोष की सूजन,
~शीर्षम्
पेडू,
~शूलम्
उदर पीड़ा के साथ अफारा होना,
~सारथिः
आग ।
वात (वि०) [वा+क्त]
1. हवा से उड़ाया हुआ
2. इच्छित, अभिलषित,
~तः
1. वायु
2. वायु की अधिष्ठात्री देवता
3. शरीर के तीन दोषों में से एक
4. गठिया
5. जोड़ों की सूजन
6. वायु सरना, शरीर से वायु का निकलना ।
समस्त पद
~अदः
बदाम का पेड़,
~अशनः
साँप–वाताशनोहमिति किं विनतासुतस्य श्वासानिलाय भुजगः स्पृहयालुतालु: –रा० च० ५,
~आख्यम्
ऐसा भवन जिसमें दो कमरे हों एक का मुंह दक्षिण की ओर दूसरे का पूर्व की ओर,
~आहार
(वि०) जो वाय के ही आहारे जीवित रहता है,
~क्षोभः
शरीर में वायुप्रकोप के कारण हुआ रोग
~चक्रम्
परकार से गोलाकार चिह्न लगाना
~पट:
जहाज़ का पाल,
~पुरीशः
केरल में गुरुवयूर नामक स्थान पर देवता,
~रथः
बादल,
~सञ्चारः
सूखी खांसी ।
परिशिष्ट