वादः [वद्+घञ]
1. बातें करना, बोलना
3. भाषण, वचन, बात–सामवादाः सकोपस्य तस्य प्रत्युत दीपकाः –शि० २।५५, इसी प्रकार 'कैतववादः'–गीत०८, सांख्यवादः आदि
3. वक्तव्य, उक्ति, आरोप–अवाच्यवादांश्च बहून् वदिष्यन्ति तवाहिताः–भग० २।३६
4. वर्णन, वृत्त–शाकुंतलादीनितिहासवादान्– मा ३।३
5. विचार विमर्श, विवाद, वादविवाद, तकवितर्क – वादे वादे जायते तत्त्वबोधः–सुभा०, सीमा० – मनु० ८।२६५
6. उत्तर
7. विवृति, व्याख्या
8. प्रदर्शित उपसंहार, सिद्धान्त, तत्त्व–इदानीं परमाणुकारणवादं निराकरोति–शारी० (तथा पुस्ता के अन्य विभिन्न स्थलों पर)
9. ध्वननं, ध्वनि
10. विवरण, अफवाह
11. (विधि में) अभियाग, नालिश ।
समस्त पद
~अनुवादौ
(पुं० द्वि० व०)
1 उक्ति और उत्तर, अभियोग तथा उसका उत्तर, दोषारोपण तथा उसका बचाव
2. वादविवाद शास्त्रार्थ,
~कर, ~कृत्
(वि०) विवाद करने वाला,
~ग्रस्त
(वि०) विवादास्पद, विवादग्रस्त –वादग्रस्तोऽयं विषयः,
~चंचु
(वि०) श्लेषगर्भित उत्तर देने में निपूण, हाजिरजवाब,
~प्रतिवादः
शाल
~युद्धम्
विवाद, तर्कवितर्क,
~विवादः
तर्कवितर्क, विचारविमर्श, वाक्प्रतियोगिता ।