संस्कृत-शब्दकोशः

वापी वामक

वाम

वाम (वि०) [वम्+ण, अथवा वा+मन्]


बायाँ (विप० दायाँ) विलोचनं दक्षिणमंजनेन संभाव्य तद्वंचितवामनेत्रा–रघु० ७८, मेघ० ७८, ९६
2. बाईं ओर स्थित या विद्यमान–वामश्चायं नदति मधुरं चातकस्ते सगंधः –मेघ०९ (‘वामेन’ क्रिया विशेषण के रूप में इसी अर्थ को प्रकट करता है– उदा० वामेनात्र वटस्तमध्वगजनः सर्वात्मना सेवते – काव्य० १०)
3.
(क) उलटा, विरुद्ध, विरोधी, विपरीत, प्रतिकूल–तदहो कामस्य वामा गतिः –गीत०१२. मा० ९।८, भट्टि० ६।१७,
(ख) विरुद्ध कार्य करने वाला, विपरीत प्रकृति का,–श० ४।१८,
(ग) कुटिल, वक्रप्रकृति, दुराग्रहीं, हठी,–श०६
4. दुष्ट, दुर्वृत्त, अधम, नीच, कमीना कि० १०२४
5. प्रिय, सुन्दर, लावण्यमय–जैसा कि 'वामलोचना',
~मः
1. सजीव प्राणी, जन्तु
2. शिव
3. प्रेम का देवता, कामदेव
4. सांप
5. औड़ी, ऐन, स्त्री की छाती,
~मम्
धनदौलत, जायदाद ।
समस्त पद
~आचारः, ~मार्गः
तांत्रिक मत में प्रतिपादित अनष्ठानपद्धति,
~आवर्तः
शंख जिसका घुमाव दाईं ओर से बाईं ओर को गया हो,
~उरु, ~ऊरू
(स्त्री०) सुंदर जंघाओं वाली स्त्री,
~दृश्
(स्त्री) (मनीहर आँखों से युक्त) स्त्री,
~देवः
1. एक मुनि का नाम
2. शिव का नाम,
~लोचना
मनोहर आँखोंवाली स्त्री–विरूपाक्षस्य जयिनीस्ताः स्तुवे वामलोचनाः
~काव्य०१०,
रघु०
१९।१३,
~शील
(वि०) कुटिल या वक्र प्रकृति का
(–लः)
कामदेव का विशेषण ।


वाम (वि०) [वम्+ण अथवा वा+मन्]


1. बाँवा
2. उल्टा, विपरीत, विरोधी
3. क्रूर, कठोर
4. दुष्ट
5. मनोरम,
~मः
1. कामदेव
2. साँप
3. छाती, ऐन, औड़ी
4. निषिद्ध कार्य ( जैसे सुरापान ),
~मम्
1. संपत्ति, दौलत
2. दुर्भाग्य, विपत्ति
3. कमनीय वस्तु ।
समस्त पद
~अङ्गी
(स्त्री०) सुन्दर स्त्री, कामिनी,
~इतर
(वि०) दायाँ,
~कुक्षिः
बाई कोख,
~नयना
(स्त्री०) मनोहर आँखों वाली स्त्री,
~स्वभाव
(वि०) उत्तम चरित्रयुक्त व्यक्ति निरीक्ष्य कृष्णापकृतं गुरोस्सुतं वामस्वभावा कृपया ननाम च भाग°१।७।४२,
~हस्तः
बकरी के गले का निरर्थक स्तन ।

परिशिष्ट



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