संस्कृत-शब्दकोशः

वामदेव्य वामनिका

वामन

वामन (वि०) [वम् +णिचु+ल्युट्]


1.
(क) क़द में छोटा, ठिंगना, बौना– छलवामनम् –शि० १३।१२
(ख) (अतः) स्वल्प, ह्रस्व, थोड़ा, लंबाई में कम –वामनार्चिरिव दीपभाजनम् – रघु० १९।५१, कथ कथं तानि (दिनानि) च वामनानि–नै० २२।५७
2. विनत, नम्र–शि० १३।१२
3. दुष्ट, नीच, ओछा,
~नः
1. बौना, ठिंगना–प्रांशुलभ्ये फले लोभादुद्बाहुरिव वामनः रघु० १।३, १०।६०
2. विष्णु का पाँचवां अवतार जब उन्होंने बलि राक्षस को विनम्र करने के लिए बौने के रूप में जन्म लिया, (दे० बलि)–
“छलयति विक्रमणे बलिमद्भुतवामन पदनखनीरजनितजनपावन ।
केशव धृतवामनरूप जय जगदीश हरे ॥”
–गीत० १
3. दक्षिण दिशा का दिक्पाल हाथी
4. पाणिनि के सूत्रों पर काशिकावृत्ति नामक भाष्य के प्रणेता
5. अंकोट नामक वृक्ष ।
समस्त पद
~आकृति
(वि०) ठिगना,
~पुराणम्
अठारह पुराणों में से एक पुराण ।



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