वारण (वि०) (स्त्री०–‘णी’) [वृ+णिच् + ल्युट्]
हटाने वाला, मुकाबला करने वाला, विरोध करने वाला,
~णम्
हटाना, रोकना, अड़चन डालना–न भवति बिसतंतुर्वारणं वारणानाम् – भर्तृ० २।१७
2. रुकावट, विघ्न
3. मुकाबला, विरोध
4. प्रतिरक्षा, संरक्षा, प्ररक्षा,
~णः
1. हाथी–न भवति बिसतंतुर्वारणं वारणानाम्–भर्तृ० २।१७, कु० ५।७०, रघु० १२।९३, शि०१८।५६
2. कवच, जिरहबख्तर ।
समस्त पद
~बुषा, –सा, ~वल्लभा
केले का वृक्ष,
~साह्वयम्
हस्तिनापुर का नाम ।
वारण (वि०) [वृ+णिच्+ल्युट्]
हटाने वाली,
~णम्
1. हटाना, रोकना
2. विघ्न, बाधा
3. दरवाजा किवाड़,
~णः
1. हाथी
2. कवच
3. हाथी का सूँड
4. अकुश ।
समस्त पद
~कृच्छ्रः
एक व्रत का नाम
~पुष्पः
पौधे की एक जाति ।
परिशिष्ट