वार्त्तिक (वि०) (स्त्री० –‘की’) [वृत्ति+ठक्]
1. समाचार संबन्धी
2. समाचार लाने वाला
3. व्याख्यात्मक, कोष सम्बन्धी,
~क:
1. दूत, भेदिया
2. किसान (वैश्यवर्ण का व्यक्ति),
~कम्
एक व्याख्यापरक अतिरिक्त नियम जो उक्त, अनुक्त, या किसी अधूरी बात की व्याख्या करता है अथवा किसी छूटी हुई बात को जोड़ देता है–उक्तानुदुरुक्तार्थव्यक्ति (चिंता) कारि तु वार्त्तिकम् (यह शब्द पाणिनि के सूत्रों पर कात्यायन द्वारा निर्मित व्याख्यापरक नियमों के लिए विशेषरूप से प्रयुक्त होता है) ।