वितर्कः [वि+तर्क् +अच्]
1. युक्ति, दलील, अनुमान
2. अन्दाज़ अटकल, कल्पना, विश्वास –शिरीषपुष्पाघिकसौकुमार्यौ बाहू तदीयाविति मे वितर्क:–कु० १।४१
3. उद्भावन, चिन्तन–भर्तृ ० ३।४५
4. सन्देह कि० ४।५, १३।२
5. विचारविनिमय, विचारविमर्श ।
वितर्कः [वितर्क्+अच्]
1. मिथ्या अनुमान
2. इरादा ।
समस्त पद
~पदवी
अनुमान के क्षेत्र के अन्तर्गत ॥
परिशिष्ट